मेरा मास्क मेरी पहचान
मेरा मास्क मेरी पहचान।
अब ना रही मैं इससे, अनजान ।।
मास्क मेरा बना रक्षक।
जीवाणु ,विषाणु का भक्षक।।
पहन इसे मैं, रहती सुरक्षित ।पल भर को भी, ना होती विचलित।।
संगी साथी बना यह मेरा ।
पल भी ,साथ न छोड़े मेरा।।
द्वारपाल सा मुख पर बैठे।
राजा बन मुख पर ही ऐंठे ।।
सभी को एक जैसा बतलाया।
रंग -रूप का भेद मिटाया।।
कर न पाए जो ज्ञानी-विज्ञानी ।
नन्हे से मास्क ने, वो कर दिखलाया।।
DEEPSHREE

Badiyaaaaa
ReplyDeleteShukriya 👍
DeleteFantastic...... 🙌
ReplyDeleteAmazing
DeleteThanks for appreciation 😊
DeleteVery inspiring for people to wear mask without hesitation
ReplyDeleteThanks alot👍
Delete👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌👌
ReplyDeleteSuperb
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