कर्म तू किए जा........
कर्म तू किए जा, रख सपनों में आस्था। लड़ सभी कठिनाइयों से, बता न किसी को अपनी व्यथा।। घबराना मत तुम हार कर , हार कर भी हो जाते हैं खड़े । वीर बहादुर जीते वही युध्द, हिम्मत से थे जिन्होनें लड़े ।। परेशानियों को तू अपने रास्ते से निकाल। चट्टान भी मिले तो मार उसे तू अपनी ठोकर से उछाल।। हिम्मत रख, तूफानों से तू टकराने की। नहीं जरूरत तुझे ,किसी मुसीबत से घबराने की ।। जिसे पाना है, जिद रख उसे बच्चे की तरह पाने की। ना हासिल हो जब तक उसे पाने की रट तू लगाने की ।। फिर देख मेहनत के साथ ,किस्मत भी रंग दिखाएगी। तुझे तेरी मंजिल संग देख ,दुनिया भी सोच में पड़ जाएगी।। ...