माँ का अभिप्राय......
माँ का अभिप्राय बताया नहीं जा सकता। माँ का विकल्प ढूँढ़ा नहीं जा सकता।। माँ के पर्याय के भी भिन्न-भिन्न अर्थ हैं । माँ के अस्तित्व के बिना यह जीवन ही व्यर्थ है। माँ वह है जो, दी धड़कनों से खुद मिल जाती है।। माँ वह है जो थमी ,रुकी साँसों को हौसला दे जाती है । माँ रूप से नहीं, रूह से जुड़ जाती है ।। माँ ममता की मन में हर पल जलती एक बाती है। किसी कमी के साथ शायद रहना जग में ,हो मुमकिन।। माँ का वो दर्ज़ा है जिसका विकल्प ढूँढ़ पाना है नामुमकिन।। ईश्वर इस खज़ाने से न करे किसी को वंचित। ममता रूपी आँचल को करता रहे हर कोई संचित।। DEEPSHREE