अनोखा रिश्ता 👫
रिश्ता कुछ अनोखा ही है इनका । विश्वास, प्यार और लाड से जोड़ा तिनका-तिनका ।। भाई छोटी-छोटी ख्वाहिशों को झट से पूरा करे। बहन ऐसी एक को पा दूजे की आस करे।। सुख-दुख को बांटते वह एक दूजे के संग। साथ साथ रह, वह रहते बस यूँ ही मस्त मलन्ग।। हारी-बिमारी ,खरीदारी में खड़ा रहा वो साथ। देख भाई को परेशानी में उठे दुआ में हाथ।। गुस्सा करना दोंनो ने सीखा है अभी -अभी। जीत हार का सिलसिला भी चलता कभी-कभी ।। अपने को भूली वो ,उसकी एक मुस्कान के लिये। जीता वह भी है,बस इस रिश्ते की पहचान के लिए ।। सभी रिश्तों का सार उसे भाई में दिखता। माने बस,उसके भाई के आगे कोई ना टिकता।। उसके लिये लडे, या उ...