Posts

Showing posts from April, 2023

मुझे,झूठ को सच लिखना नहीं आता.......

Image
                                                               मुझे,झूठ को सच लिखना नहीं आता। अमिट हूँ मुझे, मिटना नहीं आता, स्वाभिमान, मान, सम्मान रत्न है अनमोल मेरे लिए  बिन गलती के मुझे ,झुकना नहीं आता। हाँ मुझे, झूठ को सच लिखना नहीं आता।  माना कि सरताज का फूल नहीं हूँ, मैं ,किसी के चरणों की धूल नहीं हूँ, यूँ तो मैं महक उठती हूँ थोड़ी  सी खुशी में, पर किसी के गम में मुझे ,हँसना नहीं आता। हाँ मुझे, झूठ को सच लिखना नहीं आता।  कुछ दिन भूखा रह कर जी सकती हूँ। पानी न हो तो ,अश्रुकण पी सकती हूँ। मछली बन मुझे. ख्वाइशों के लिए तड़फना नहीं आता, किसी और का हक मुझे ,हड़पना नहीं आता। हाँ मुझे. झूठ को सच लिखना नहीं आता।  खड़ी हूँ मैं, नेकी के पावन पथ पर, झूठ के पर्वत पर टिकना नहीं आता, डूबना मंजूर है विश्वास  के दरिया में, धोखे की सतह पर मुझे, तैरना नहीं आता। हाँ मुझे .झूठ को सच लिखना नहीं आता।   ...

कभी-कभी कुछ कम

Image
                                                        कभी -कभी कुछ कम में भी, कट जाता है जीवन।  कभी -कभी कुछ कम में भी ,खिलखिला जाता है जीवन। ।  खुशियाँ गर मिले  कभी,  कुछ कम। लोगों के दिलों में मिले गर जगह,कुछ कम।।  चाय में मिले गर कभी चीनी ,थोड़ी कम। दाल  में मिले गर कभी नमक, थोड़ा कभी कम।।  गर दोस्त निभाए दोस्ती ,थोड़ी कभी कम। गर दुश्मन दुश्मनी निभा जाए ,थोड़ी  कभी कम।।  कुछ और भी अच्छा बिता सकते हो तुम ,अपना जीवन गर उम्मीदें रख लोगे तुम ,किसी से भी थोड़ी  कम-कम।  कभी -कभी कुछ कम में भी कट जाता है जीवन। कभी -कभी कुछ कम में भी खिलखिला जाता है जीवन। ।                                                                       ...