कभी भी ना लौटेगा.....
क्या साँस लौट सकती है? क्या वक़्त लौट सकता है? क्या कही बात लौट सकती है? क्या कानों ने जो सुना वो लौट सकता है? क्या ज़ुबाँ ने जो कह डाला वो, लौट सक्ता है? क्या मह्सूस किए एहसास लौट सकते है? क्या युग,काल लौट सकता है? क्या बिता पल लौट सकता है? क्या बिता बचपन लौट सकता है? क्या बीत रही जवानी लौट सकती है? क्या बीत चुकी तिथि या वार लौटेगा? तो क्यूँ सोचते हो जिन्दगी दोबारा लौटेगी? क्यूँ वो देगी छूट तुम्हें ,खुद को फिर से जी लेने की? अनुभव ने सीखाया अभी तक कि जो बीत कर ,अब तक ना लौटा वो कभी भी ना लौटेगा। तो आज में जी लो,आज को जी लो🌺🌺 ...