स्याही..
देख तासीर स्याही की ये कितना दम भरती है | अलग रूपों में होता प्रयोग दुनिया ,इसका कहती है || लिखना ,पढ़ना लिखाना शैक्षिक सद्भाव भरती है | गर ,भड़क उठे ये स्याही इतिहास अनोखा रचती है || गहरे दर्द का एहसास मिलता जब गहरे समुंदर में | दर्द में डूब ,ये ही स्याही शायरी बन निखरती है || ये स्याही अनोखी सी जब लगे ये , कनिष्ठा पर नई सरकार को चुनकर भविष्य देश का लिखती है || ...