एक लड़की जो.....
एक लड़की जो , ख्वाहिशों के पंख लिए पैदा हुई.. एक लड़की जो , जागते - सोते बस सपनों की दुनिया में हिचकोले लेकर बढ़ी हुई.. एक लड़की जो , सही- गलत ,ज़रूरी - गैरज़रूरी के पैमाने को तोलते हुए बढ़ी हुई.. एक लड़की जो , चाहत को मन में दबाए, सकुचाए खुद में समेटे हुए बढ़ी हुई.. एक लड़की जो, जीवन के नन्हें -नन्हें पलों को मन में समेटकर, मुस्कुराते हुए बढ़ी हुई.. एक लड़की जो , ज़िंदगी के संकरे, अनचाहे मोड़ों को पार करते - करते बढ़ी हुई.. एक लड़की जो , लोगों की आँखों में कटाक्ष से भरे सवालों के जबाव को टटोलते हुए बढ़ी हुई.. एक लड़की जो , खुद से जुड़े लोगों की खुशियों को ,अपनी खुशियों से भी कीमती मान बढ़ी हुई.. वो, वो ही लड़की, हाँ वो ही लड़की अपनी ज़िद को ,ज़िंदगी मान मुकाम को हास...