वजूद
वजूद अपना खुद बनाना पड़ता है। हौसले को बुलंद बनाना पड़ता है। चाहते हो गर मुकाम करना हासिल अनोखा तो शिला को इरादों से ही हटाना पड़ता है।। वजूद अपना खुद बनाना पड़ता है । दिन को रात, रात को दिल से मिलाना पड़ता है ।। चाहते हो गर दुनिया दे,मिसाल तुम्हारी। तो हवा में भी चिराग जलाना पड़ता है ।। वजूद अपना खुद बनाना पड़ता है। इच्छाओं को दाव पर लगाना पड़ता है । चाहते हो गर नए दौर की शुरुआत करना तो नरम से शीश पर, काँटों का ताज उठाना पड़ता है।। वजूद अपना खुद बनाना पड़ता है। ...