Posts

Showing posts from May, 2025

मान सिंदूर का

Image
                                                             मान सिंदूर का हम रखते कितना, आज हमने बता डाला| शीश पर जो था सुशोभित उसके तेज ने ही, दुश्मन को हिला डाला || शांति के दूत भले हम जग में जाने जाते हैं | आन - बन पर लगे घात को हम, ना सहना  जानते हैं || छुट- पुट धमाके तो हम दिवाली पर ही हैं सुन लेते|  देश पर उठने वाली आँख को ,अपनी आँख से ही झुका देते || संयम को रख, बहुत दिनों तक बैठे थे हम दिल में अपने | गर्जन कर  सिंह की जैसी ,दौड़ा  डाला दुश्मन को बिल में || चूडी पहन जो, मान संस्कृति का अपनी रखना जानती है | वक्त़ आने पर दहाड़ से अपनी रूह कँपाना जानती है | उन चीखों को जिन्हें, देश ने पल- पल किया था महसूस | उन्हीं चीखों की आवाजों से न हो पाएगा दुश्मन महफ़ूज़ || चुप्पी है कमजोरी हमारी  दुश्मन ने  जब वहम  है ये, पाला |  तब -तब  क्रोध की आँधी में भस्म हमने, उसे कर डाला ||  थल, नभ और ज...

उस कलम को खोजती है..

Image
                                                         आज की टीचर उस कलम को खोजती है..  लिख देती थी वो नसीब ,जिस कलम से.. तोल डालती थी सही - गलत का  पैमाना जिस कलम से.. सुधार की दिशा की ओर मोड़ देती थी वो , जिस कलम से.. विचारों को नवीन दिशा दे डालती थी वो, जिस कलम से.. लिख डालती थी भविष्य हर बच्चे का वो,जिस कलम से.. सुनहरे एहसास और उम्मीदों को जता देती थी वो,जिस कलम से.. अपनी सौम्य पहचान बता जाती थी वो, जिस कलम से..  कुछ प्यारा सा लिख, लाड़ बच्चे पर लुटाती थी वो,जिस कलम से..  जीवन में अगले पड़ाव पर पहुँच जाने का संदेश लिख डालती थी वो ,जिस कलम से..  आज की टीचर, बस उसी कलम को खोजती है..                                                                    ...