चुभन
सपनों को पूरा न कर पाने का दर्द ,शायद बहुत दर्द देता होगा.. शायद कचोटता होगा ,पल- पल साँस को मद्घम करता होगा... आँखों और नींद का तालमेल शायद करता होगा बैचैन । अधूरे सपनों का दर्द, शायद छीन लेता होगा चैन ।। बाजा़र में मिल ही जाती है ढूँढने पर, हर तकलीफ की दवा । सपनों के अधूरेपन के दर्द को ,शायद संवारे सिर्फ दुआ ।। ज़िंदगी में सब कुछ शायद हासिल किया जा सकता है । पर, दिल दिमाग में बुने ख़्वाब को अधूरेपन में कैसे डुबोया जा सकता है? देखा जिन्हें भी सपनों के अधूरेपन के दर्द से जुझते...