चुभन
सपनों को पूरा न कर पाने का दर्द ,शायद बहुत दर्द देता होगा..
शायद कचोटता होगा ,पल- पल साँस को मद्घम करता होगा...
आँखों और नींद का तालमेल शायद करता होगा बैचैन ।
अधूरे सपनों का दर्द, शायद छीन लेता होगा चैन ।।
बाजा़र में मिल ही जाती है ढूँढने पर, हर तकलीफ की दवा ।
सपनों के अधूरेपन के दर्द को ,शायद संवारे सिर्फ दुआ ।।
ज़िंदगी में सब कुछ शायद हासिल किया जा सकता है ।
पर, दिल दिमाग में बुने ख़्वाब को अधूरेपन में कैसे डुबोया जा सकता है?
देखा जिन्हें भी सपनों के अधूरेपन के दर्द से जुझते हुए।
पाया उन्हें ,इक अनकहे ज़ज्बातों का बोझ उठाते हुए ।।
खुद को गर शब्दों में किए बयाँ दर्द से बचाना है
तो...
छोड दुनिया की फिक्र ,दिल की धड़कन को ख़्वाब से मिलाना है...
DEEPSHREE

Beautiful lines 💞👌( snigdha)
ReplyDeleteThanks mam 🌻
DeleteBeautiful
ReplyDeleteThanks ✨✨
Deleteबहुत सुंदर पंक्तियां मैम
ReplyDeleteआभार 🙏✨🙏
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