कड़वी सच्चाई
🌸सफ़र चाहे ज़ज्बात का हो या,जिंदगी का, अकेले ही जीना पड़ता है |
कहते हैं हम संग तुम्हारे पर सुन इस बात को, चुपके से हँसना पड़ता है|
🌸सभी को चाहिए साथ आपका, उम्मीदें आपसे पूरी बँधी हैं|
पर
आपकी उम्मीद को पूरा करने की लड़ी ,कड़े बन्धनों से बँधी है |
🌸 खुश अपनी दुनिया में हैं, दिखावा सब अपनेपन का करते हैं|
समझ जाएँ हम सब समझदारी से, इस उम्मीद को वो हमसे जोड़ते हैं ||
🌸 अपने जीवन में प्राथमिकता को, अच्छे से जानते हैं |
पर हमारी प्राथमिकता में खुद को ही वो ,देखना चाहते हैं||
🌸 कैसे हो पाता है आसान ,लोगों के लिए बदलना ?
जो सोच भी नहीं पाते हमारा उनके लिए बदलना?
🌸 वाकिफ़ इस बात से ,उन लोगों का भी हो जाना बेहतर |
क्यूँकी बदलने का दर्द ,उनकी करवट ना ही बैठे तो ही बेहतर||
DEEPSHREE

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भाव के अनुरूप पढ़कर प्रोत्साहित करें l