लड़की होना, इतना भी आसान नहीं
लड़की होना, इतना भी आसान नहीं..
हमें जो समझना पड़ता है उसे, सोचना तक आसान नहीं..
दरवाज़े की कुण्डी पर नजर हमारी ,नींद से ज़्यादा होती है |
क्यूँकी
दरवाज़े की कुण्डी ही शायद हमें ,सुकून की नींद दे पाती है ||
खुद पर रखे हौंसले पर से यकीन कभी - कभी उठ जाता है |
जब इक अंजान सी नजर का खौफ़, नजर में हमारी टिक जाता है |
लाड़, प्यार यकीन से पाला जाता है हमें |
पर
माँ - बाप की आँखों पर छाए, घबराहट और चिंता के बादल सहमा जाते हैं हमें ||
बेटा - बेटा बोल, माँ बाप मजबूत बनाते हैं हमें |
पर
कुरीतियों के दलदल में कभी -कभी वो धंसा हुआ सा पाते हैं हमें ||
आजाद पंछी बन , बेझिझक ज़िंदगी को जीना चाहती हूँ मैं|
पर
खौफ़ के साए में अजीब सी घुटन में घिर जाती हूँ मैं||
चीत्कार, दुत्कार, अत्याचार क्यूँ सहना मुझे पड़ता है?
क्यूँ मानवता का सारा पैमाना मुझ पर ही आ टूटता है?
चिड़िया का पर्याय हमें बताने वाले शायद ये ही सोचते होंगें
कि..
पिंजरे में ही रहना हमारे लिए अच्छा
क्यूँकी
बाहर बाज़ नोचने को हमें नजर गड़ाए होंगें |
लड़की होना, इतना भी आसान नहीं..
DEEPSHREE

Beautifully decorated.
ReplyDeleteThanks 💐
ReplyDeleteThe lines beautifully expresses the relatable sentiments of every girl. Truly appreciate your penmanship.
ReplyDeletewords for Appreciation always works like a energy booster. Thanks for ur kind words 💐💐
DeleteAppreciable, heart touching... lines
ReplyDeleteThanks 🌻
DeleteBeautiful said🙏🙏🙏
ReplyDeleteSo insightful and beautifully expressed dear ❤️
ReplyDelete