कभी-कभी कुछ कम
कभी -कभी कुछ कम में भी, कट जाता है जीवन।
कभी -कभी कुछ कम में भी ,खिलखिला जाता है जीवन।।
खुशियाँ गर मिले कभी, कुछ कम।
लोगों के दिलों में मिले गर जगह,कुछ कम।।
चाय में मिले गर कभी चीनी ,थोड़ी कम।
दाल में मिले गर कभी नमक, थोड़ा कभी कम।।
गर दोस्त निभाए दोस्ती ,थोड़ी कभी कम।
गर दुश्मन दुश्मनी निभा जाए ,थोड़ी कभी कम।।
कुछ और भी अच्छा बिता सकते हो तुम ,अपना जीवन
गर
उम्मीदें रख लोगे तुम ,किसी से भी थोड़ी कम-कम।
कभी -कभी कुछ कम में भी कट जाता है जीवन।
कभी -कभी कुछ कम में भी खिलखिला जाता है जीवन।।
DEEPSHREE

Very true
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