आज़ादी का दिन तब ,सच में आएगा।

                               



आज़ादी का दिन तब ,सच में  आएगा।

जब

मन से मन का भेद कहीं भी न टिक पाएगा।।

 

आज़ादी का दिन तब ,सच में आएगा।

जब

अधिकार के संग हर भारतवासी, अपने कर्तव्य को भी जान पाएगा।

 

आज़ादी का दिन तब, सच में आएगा।

जब

आज़ादी के लिए कुर्बानी देने वालों के नाम को ,हर बच्चा गर्व के साथ बता पाएगा।

 

आज़ादी का दिन तब, सच में आएगा।

जब

देश का नौजवान ,विरासत में मिली आज़ादी को अपनी पीढ़ी तक सकुशल  पहुँचा पाएगा।

 

आज़ादी का दिन तब, सच में आएगा।

जब

नागरिक हमारे देश का मेहनत कर , योगदान अपना विकास में दे पाएगा ।

 

आज़ादी का दिन तब, सच में आएगा।

जब

घर के आंगन में सोया हर बच्चा ,सपनों की दुनिया में  बेझिझक खो पाएगा।

 

आज़ादी का दिन तब, सच में आएगा।

जब

 माँ को उसके बेटे का दूर रहना, घबराहट से ना भर पाएगा।

 

आज़ादी का दिन तब ,सच में आएगा।

जब

 गाँव की गलियों में घूमना ,फिर से सपना सा ना रह जाएगा ।

 

आज़ादी का दिन तब ,सच में  आएगा।

जब

देश में गरीब और अमीर के बीच का  फ़ासला धूमिल हो जाएगा।

 

आज़ादी का दिन तब, सच में  आएगा।

जब

 देश मज़हब को ढाल नहीं अपनी, ताकत बना पाएगा।।



                                                                                                        DEEPSHREE

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