आज जाना.....
आज जाना, मौत भी कुछ कम खूबसूरत नहीं होती......
ना जाने क्यूँ लोग जीए जा रहे हैं ?
तरसाया ज़िंदगी ने, इक हाथ के लिए........
दो कदम साथ चलने को न थे राज़ी..........
दुआ को तोह्फ़े तक में देने में की कंजूसी..........
पर अब, महँगे फूलों की बारिश किए जा रहे हैं।
ज़िंदगी भर साथ बैठने के लिये तरसाया हमें........
पर अब ,वक़्त को निकाल साथ बैठे जा रहे हैं।
पर अब, कन्धे संग कंधे दिए जा रहे हैं।।
दो कदम साथ चलने को न थे राज़ी..........
पर अब ,संग काफ़िले के चलते जा रहे हैं ।
दुआ को तोह्फ़े तक में देने में की कंजूसी..........
पर अब, महँगे फूलों की बारिश किए जा रहे हैं।
ज़िंदगी भर साथ बैठने के लिये तरसाया हमें........
पर अब ,वक़्त को निकाल साथ बैठे जा रहे हैं।
DEEPSHREE

Well written.....ant me hi kimat pata lagti hai
ReplyDeleteThanks🌺
DeleteTruly said
ReplyDeleteThanks🌻
DeleteToo good and very true u are a wonderful writer- Geetanjali
ReplyDeleteVery nice 👌
ReplyDelete👏🏻👏🏻👏🏻
Thanks🌻
DeleteJo sach hai uski Keemat aant mein hi pata lagti hai. Sachhai ko shabdon ki chadar mein lapetkar kitni khoobsoorati se pesh kiya hai,🥰
ReplyDeleteProtsahan ke liye shukriya 🌻
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