बहन है वो
बहन है वो।
माँ का लाड देख वैसे ही लाड जो ,भाई से
लड़ाए
बहन है वो।
पापा को अपने लाड से जो ,भाई की ख्वाहिशों
के लिए मनाए
बहन है वो।
छोटा हो या बड़ा हो भाई जो ,उसके पीछे
छोटी सी बन छुप जाए
बहन है वो।
भाई के मन की बात को समझ उसे मन में ही दफ़न जो ,कर जाए
बहन है वो।
अपनी थाली को कर खाली जो ,भाई की थाली को भर जाए
बहन है वो।
त्योहार पर अपनी खुशियों से पहले भाई
की खुशियों के लिए जो, हाथ उठाए
बहन है वो ।
लड़के को भाई के दर्जे से मिलवा जाती
है
बहन है वो ।
वह बंधन जो बंधन ना लगे ऐसे बंधनों में जो, बांध जाती है
बहन है वो।
छुपा कर रखी चीज़ को जो छुपाकर, भाई को दे आए।
बहन है वो
कमजोर गर हो भी तो तूफान से भाई के लिए लड़ जाए
बहन है वो।
सुनती सुनाती डांट खाती खिलाती जो, संग बढ़ जाए।
बहन है वो। DEEPSHREE

Ati sundar
ReplyDeleteशुक्रिया 🌺
DeletePar khush naseeb hai wo jab uska bhai use samajh paye
ReplyDeleteबिल्कुल,तुम हो वो खुश्किस्मत ❤
DeleteNice
ReplyDeleteThanks
Deleteबेहतरीन 👍
ReplyDeletethanks
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