उठो जगाओ खुद को ,आज कुछ हासिल करना है ।

 उठो जगाओ खुद को ,आज कुछ अलग करना है ।

वह ,जो रात को सोने नहीं देता ।
वह ,जो सपने कोई और देखने नहीं देता ।
वह ,जो कदमों को कहता है चल उसी दिशा में।
वह ,तो चलते फिरते मुमकिन हुआ सा लगता है।
वह ,जो ध्यान को कहीं और भटकने नहीं देता।
वह ,जो उठते -बैठते अपने अस्तित्व की दस्तक सी है दे जाता।
वह ,जिसे हासिल करने की खुशी शब्दों में बयान करना है मुश्किल।
वह ,जिसे पाने की सोच का एहसास भी होगा एहसास से भरा ।
वह ,जो रात के बाद दिन का इंतजार भी व्याकुलता से भर जाए।
वह ,जिसे पा लेने पर जीवन को एक मनचाही दिशा से मिल जाए।
वह ,जो हमें नामुमकिन से मुमकिन तक का सफर करा है जाता ।
वह  ,जो रात के अंधेरे में भी खुशी की किरण की झलक दिखा जाएगा ।
वह ,जिसे पाकर आँखें और मन शीतलता  को करेंगी  महसूस ।
वह ,जिसे पाकर दूसरों को भी कुछ अलग करने की मिलेगी प्रेरणा।
वह ,जिसे  हासिल कर खुशी का होगा एक नवीन संचार।
वह ,जिसे देख दुनिया मानेगी कर ही डाला तुमने कोई चमत्कार।


उठो जगाओ खुद को ,आज लक्ष्य हासिल करना है।
उठो जगाओ खुद को ,आज कुछ अलग करना है।

                                                                                                                       DEEPSHREE

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