गर भूलना इतना आसान होता तो...



                                               


 गर भूलना इतना आसान होता तो,
 जन्म देकर, माँ भूल जाती। 
 बहन ,राखी का बन्धन भूल जाती। 
भाई, बहन की दिया वादा भूल जाता। 
व्रत रखकर इन्सान ,खाना भूल जाता।
 मौन व्रत रखने वाला , बोलना भूल जाता।
 लिखना छोड़ देने वाला, लिखना भूल जाता।
 साँस पल को रोकने वाला, साँस लेना भूल जाता।
 घंटो बैठने वाला, उठना भूल जाता। 
 रुकी हवा का फिर प्रवाह रूक जाता।

 भूलना गर इतना आसान नहीं होता तो, 
लुटाए प्यार ,लाड़ और स्नेह को इन्सान कैसे है भूल जाता?

                                                                                                                DEEPSHREE

Comments

  1. काश !सच में भूलना आसान होता

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    1. काश! पर सच में बहुत मुश्किल है भूलना...

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  2. अति सुन्दर भाव।. 👌♥️🌹🌹🌹

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  3. अति सुन्दर भाव 🎉👌♥️🌹🌹🌹

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  4. अति सुन्दर

    ReplyDelete
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    1. शुक्रिया प्रोत्साहन के लिए 🌺

      Delete

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भाव के अनुरूप पढ़कर प्रोत्साहित करें l

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