बेवजह .....
बेमतलब की होड़ में लगे हैं लोग, बेवजह ।
खुद को महान दूसरे को नीचा दिखाने का मकसद लिए बैठे हैं लोग ,बेवजह।
मतलबी हो इंसानियत को भूलते जा रहे हैं लोग ,बेवजह।
दिल की खूबसूरती को दुतकारने में लगे हैं लोग, बेवजह।
बाहरी रंग-रूप को अहमियत दे धोखा पाल रहे हैं लोग, बेवजह।
पैसा- शौहरत को अपनों से भी बड़ा मान बैठे हैं लोग , बेवजह।
अपना छोड़, दूसरों को मिटाने में लगे हैं लोग, बेवजह।
खुशी को कैसे दूसरों से करें दूर इस तिगड़म में लगे हैं लोग, बेवजह ।
दिखावे से भरी चमक-दमक को कीमती मानने लगे हैं लोग, बेवजह।
खोखली दुनिया में अपनों को गवा परायो को अपना मान बैठे हैं लोग, बेवजह।
अपने मन की बदसूरती को ,दूसरों के मन की खूबसूरती से छिपाया जा रहे हैं लोग बेवजह।
DEEPSHREE

Bahut sundar
ReplyDeleteShukriya 🙏
DeleteToo good...keep it up dear
ReplyDeleteThanks 😊
DeleteVery nice Ma'am
ReplyDeleteThanks mam😊
DeleteSahi bat hai
ReplyDeleteBilkul sahi
ReplyDeleteShukriya 🙏
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