चमत्कार शिक्षक का.....
मान जग में शिक्षक ने दिलवाया।जीवन को,जीवन से मिलवाया।
ज्ञान करा कर क,ख, ग का।
जीवन पथ का राह दिखाया।।
करुणामयी ,प्रेरक शिक्षक की।
महिमा अनंत है ,जीवन में शिक्षक की।।
जन्म पा इस भूल भुलैया में, भटक रहे थे हम।
सत्य-असत्य का ज्ञान करा,हम से ही मिलवाए हम।।
शिक्षक ऐसी बाती है, जो रूह को दिशा दिखाती है।
है असीम महिमा शिक्षक की, जन्म-जन्मांतर तक गाई जाती है।
पहचान अवगुणों को, गुणों में बदल सकता है।
शिक्षक ही केवल ऐसे चमत्कार कर सकता है।।
ज्ञान की पूँजी देकर अपनी ,मानव को योग्य बनाते शिक्षक।
भावों को शब्दों में पिरो कर वाक्य पूर्ण बनाते शिक्षक।
आज की मतलबी दुनिया में अपनेपन से कंण -कण जोड़ते शिक्षक ।
कर इकट्ठा तिनका तिनका घरौंदा संस्कारों का ,दे जाते शिक्षक ।।
पर्दा गिरा कर जात -पात का सोच को बुलंदी तक ले जाते शिक्षक।
बच्चों की आँखों की नमी का, सही अर्थ जान पाते शिक्षक।।
माँ का प्रतिरूप दिखता शिक्षक में ।
पिता की दृढ़ता के होते दर्शन ।।
सौभाग्य उनका प्रबल होता है।
जो पा पाते जीवन में शिक्षक ।।
DEEPSHREE

Kya baat hai👍😍
ReplyDeleteShukriya
DeleteBhut khub 🙏🙏
DeleteShukriya 👍
Delete👏👏👌👌
ReplyDeleteThanks
DeleteThank you soooooo much. Wonderful poem. I got many appreciations for reciting your poem today. I told them that this poem is written by my friend....Love you.
ReplyDeleteU r welcome dear,Happy to know that u got appreciation for this effort. Good to c u happy. THANKS alot for sharing .😊👍👍
DeleteVery nice deepti mam
ReplyDeleteThanks mam for ur appreciation.
Deleteवाह बहुत बहुत सुंदर रचना दीप्ति जी इतने सुंदर शब्दों में पिरोया है आपने शिक्षक और शिष्य की गरिमा को जो संस्कारों के ताने-बाने में अपने अनूठे स्वरूप को प्रकट कर रही है शिक्षक जीवन का पहला वो पहला मित्र है जो जीवन को सही मायने में जीना सिखाता है सचमुच बहुत सुंदर रचना बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं 👏👏👏👍👍😊💐💐💐
ReplyDeleteआपके प्रोत्साहन के लिए बहुत -बहुत धन्यवाद...
Deleteनये आयामों को छूते हुए आप आगे बढ़ रही है
ReplyDeleteshukriya ji.....
Delete👌👌👌
ReplyDeleteMind blowing darling.... great job👍👍
ReplyDeletethanks alot...
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