सेना (हमारा गौरव)
सेना बन एक ढाल, खड़ी है।
जीवन-मृत्यु की मध्य कड़ी है ।।
वीर पराक्रमी योद्धाओं की टोली।
देश -प्रेम बन बैठा जिनकी बोली।।
धारण किए विजय को पर ,मस्तक ।
देते सदा पराक्रम को दस्तक।।
खड़े हैं छोड़ ,सब रिश्ते नाते।
देश संग बस वे रिश्ता निभाते।।
सोचे धर्म जात -पात से हटकर ।
देते शत्रु को नित दिन टक्कर ।।
हुँक़ार ऐसी ,की धरती कांपे।
शत्रु अगल-बगल में झाँके ।।
भारत माँ की है सेना ,शान।
इस पर अपना जीवन क़ुर्बान।।
DEEPSHREE

Very nice👌👌
ReplyDeleteTrue'
DeleteTrue
DeleteJai hind
ReplyDeleteJai hind ki sena 🇨🇮
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